खैरागढ़/छुईखदान। सोशल मीडिया के जरिए पुराने सिक्के और नोट के बदले लाखों रुपये दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के मास्टरमाइंड को छत्तीसगढ़ पुलिस ने हरियाणा से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक ही व्यक्ति से 11 लाख 70 हजार रुपये की धोखाधड़ी की, जबकि उसे 37 लाख रुपये देने का लालच दिया गया था।पुलिस के अनुसार थाना छुईखदान में पद्मावतीपुर निवासी नेताराम देवांगन उम्र 39 वर्ष की शिकायत पर अपराध क्रमांक 122/2026 दर्ज किया गया। प्रार्थी ने बताया कि उसे व्हाट्सएप के माध्यम से पुराने नोट और सिक्कों के बदले लाखों रुपये मिलने का ऑफर मिला। लालच में आकर उसने ₹5 का पुराना नोट भेजा जिसके एवज में आरोपी ने उसे ₹37.94 लाख देने का झांसा दिया। इसके बाद आरोपी ने प्रोसेसिंग फीस, कस्टम शुल्क और अन्य बहानों से अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई। इतना ही नहीं नकदी भेजने और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर भी अतिरिक्त पैसे वसूले गए। इस तरह कुल 11.70 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।
हरियाणा से दबोचा गया आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस साइबर फ्रॉड में करीब 20 बैंक खातों और 30 से 40 फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया है। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी का लोकेशन हरियाणा के नूंह जिले में मिला। इसके बाद छुईखदान पुलिस और साइबर सेल की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद जाहिर उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम डूंगेजा थाना पिंगवा जिला नूंह (हरियाणा) के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
जप्त सामग्री

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 9 मोबाइल फोन, 2 एटीएम कार्ड और ₹4000 नकद बरामद किए हैं। घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी छिपाकर रखा गया था, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और व्हाट्सएप पर पुराने सिक्के-नोट खरीदने के नाम पर विज्ञापन डालकर लोगों को फंसाता था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे ऐंठे जाते थे। भरोसा दिलाने के लिए नकदी के फर्जी वीडियो दिखाए जाते और बाद में डिलीवरी व पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर लगातार रकम वसूली जाती थी।
न्यायिक कार्यवाही
आरोपी को 15 अप्रैल 2026 को हरियाणा से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया। 17 अप्रैल को न्यायालय में पेश कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल खैरागढ़ और थाना छुईखदान पुलिस की अहम भूमिका रही।


