
खैरागढ़। पूर्व विधायक एवं क्षेत्र के लोकप्रिय जनप्रतिनिधि रहे स्वर्गीय राजा देवव्रत सिंह की जन्म जयंती बुधवार को श्रद्धा, सम्मान और जनसेवा के संकल्प के साथ मनाई गई। उनके पुत्र राजा आर्यव्रत सिंह, पुत्री एवं जिला पंचायत सदस्य शताक्षी देवव्रत सिंह सहित परिजनों, कांग्रेस नेताओं और बड़ी संख्या में समर्थकों ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

जयंती के अवसर पर सबसे पहले सिविल लाइन दुर्गा चौक स्थित स्वर्गीय देवव्रत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजन-अर्चन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने उनके व्यक्तित्व, जनसेवा और क्षेत्र के विकास में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद सभी लोग वीरेश्वर शिव मंदिर परिसर स्थित स्वर्गीय देवव्रत सिंह के समाधि स्थल पहुंचे, जहां दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि के दौरान वातावरण भावुक हो उठा और समर्थकों द्वारा लगातार "देवव्रत सिंह अमर रहें" के नारे लगाए जाते रहे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के पश्चात राजा आर्यव्रत सिंह, शताक्षी देवव्रत सिंह एवं समर्थकों का दल सिविल अस्पताल खैरागढ़ पहुंचा। यहां भर्ती मरीजों को फल एवं आवश्यक खाद्य सामग्रियों का वितरण किया गया। साथ ही उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वर्गीय देवव्रत सिंह सदैव जनता के सुख-दुख में सहभागी रहे और उनकी जयंती पर जनसेवा का यह कार्य उनके आदर्शों को सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उज्ज्वला सिंह, राजेश लुनिया, जितेंद्र सिंह गौर, अब्दुल रज्जाक खान, सुरेंद्र सिंह सोलंकी, सुदेश सिंह, पुरुषोत्तम वर्मा, यतेंद्र जीत सिंह, रवींद्र सिंह गहरवार, किशन रजक, मनोज बैद, गीता यादव, दयाराम पटेल, मोती पाल, मंशाराम सिमकर, नदीम मेमन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं स्वर्गीय देवव्रत सिंह के समर्थक उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन के दौरान समर्थकों में उत्साह और भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिला। श्रद्धांजलि, जनसेवा और स्मरण के इस आयोजन ने एक बार फिर क्षेत्र में स्वर्गीय राजा देवव्रत सिंह की लोकप्रियता और उनके प्रति लोगों के गहरे सम्मान को प्रदर्शित किया।


