खैरागढ़/ बाजार अतरिया। क्षेत्र में कृषि विभाग की कार्रवाई के बावजूद नियमों की खुलेआम अनदेखी का मामला सामने आया है। बाजार अतरिया स्थित पन्ना कृषि केन्द्र का लाइसेंस निलंबित किए जाने के बाद भी दुकान संचालित होने और कीटनाशक दवाओं की बिक्री जारी रहने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार को ग्राम डूंडा के गजेश वर्मा, ग्राम अछोली के सहसराम वर्मा और ग्राम दुल्लापुर के मनोहर जंघेल कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। किसानों का आरोप है कि कृषि विभाग द्वारा लाइसेंस निलंबित किए जाने के बावजूद भी दुकान संचालक खुलेआम कीटनाशक और फफूंदनाशक दवाओं की बिक्री कर रहा है।किसानों ने बताया कि करीब चार माह पहले उन्होंने पन्ना कृषि केन्द्र से खरीदी गई कीटनाशक एवं फफूंदनाशक दवाओं के कारण धान की फसल को भारी नुकसान होने की शिकायत कृषि विभाग में दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद विभाग द्वारा संयुक्त जांच कराई गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कृषि विभाग ने 05 फरवरी 2026 को पन्ना कृषि केन्द्र का लाइसेंस निलंबित करने का आदेश जारी किया था। लेकिन लाइसेंस निलंबन के बाद भी दुकान खुली रहने और दवाइयों की बिक्री जारी रहने से विभागीय कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
किसानों का कहना है कि स्थानीय अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि विभागीय आदेशों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है और आखिर किसके संरक्षण में दुकान संचालित हो रही है।
जिम्मेदार अधिकारियों की जांच की मांग
किसानों ने कलेक्टर से मांग की है कि पन्ना कृषि केन्द्र के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही लाइसेंस निलंबन के बावजूद दुकान संचालन की अनुमति देने या मामले को नजरअंदाज करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भी जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस मामले में सख्त कदम नहीं उठाया गया तो क्षेत्र के अन्य किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए जल्द कार्रवाई करना जरूरी है।


