92 प्रतिशत परिवारों से 73 हजार 440 रुपये स्वच्छता शुल्क संग्रहित, जनभागीदारी से रचा नया कीर्तिमान

खैरागढ़। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम पंचायत अवेली ने स्वच्छता के क्षेत्र में पूरे जिले के लिए नई मिसाल पेश की है। पंचायत ने विशेष जनजागरूकता अभियान चलाकर 330 परिवारों में से 306 परिवारों (92 प्रतिशत) से एक वर्ष का 240 रुपये प्रति परिवार के हिसाब से 73 हजार 440 रुपये स्वच्छता शुल्क (उपयोगकर्ता शुल्क) संग्रहित किया। इसके साथ ही अवेली जिले की पहली ग्राम पंचायत बन गई है, जिसने इतने बड़े स्तर पर जनसहभागिता के साथ यह उपलब्धि हासिल की। यह सफलता केवल शुल्क संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता, जिम्मेदारी और सहभागिता का भी प्रतीक है। ग्रामीणों ने "मेरा गांव–मेरी जिम्मेदारी" की भावना के साथ स्वेच्छा से शुल्क जमा कर स्वच्छ गांव के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाई। इस उपलब्धि में सरपंच दुर्गाबाई भारतलाल सेन, सचिव चिंताराम वर्मा, उपसरपंच कमलेश यादव तथा सभी पंचों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जनप्रतिनिधियों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को स्वच्छता शुल्क के महत्व से अवगत कराया और अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया। यह अभियान कलेक्टर इंद्रजीत चंद्रवाल तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। वहीं जनपद पंचायत खैरागढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु गुप्ता के नेतृत्व में विकासखंड की सभी 114 ग्राम पंचायतों में स्वच्छता शुल्क संग्रह और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के विकासखंड समन्वयक बैद्यनाथ वर्मा एवं संकुल समन्वयक दूलेश्वर वर्मा द्वारा लगातार प्रशिक्षण देकर स्वच्छता प्रबंधन, कचरे के पृथक्करण, संग्रहण और वैज्ञानिक निपटान की जानकारी दी जा रही है। वर्तमान में ग्राम पंचायत अवेली में सप्ताह में एक दिन नियमित रूप से घर-घर कचरा संग्रहण किया जा रहा है। पंचायत और स्वच्छग्राही टीम गांव को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जनपद पंचायत खैरागढ़ की अन्य ग्राम पंचायतों में भी स्वच्छता शुल्क संग्रह अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। लक्ष्य है कि जुलाई माह के अंत तक 80 प्रतिशत परिवारों से शुल्क संग्रह सुनिश्चित कर पूरे विकासखंड को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जाए।
ग्राम पंचायत अवेली ने यह साबित कर दिया है कि जनप्रतिनिधियों, स्वच्छग्राहियों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से हर गांव स्वच्छ, सुंदर और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

