खैरागढ़। जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रेम प्रसंग के चलते एक नाबालिग बालिका की सुनियोजित हत्या कर दी गई। खैरागढ़ पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी मोहन वर्मा ने नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाकर उसका दैहिक शोषण किया। जब पीड़िता उस पर साथ रखने का दबाव बनाने लगी, तो आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। योजना के तहत 28 मार्च की रात आरोपी अपने साथियों के साथ खैरागढ़ के पिपरिया पहुंचे और नाबालिग का अपहरण कर उसे डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन ले गए। वहां से बिलासपुर जाने वाली ट्रेन में बैठकर आरोपियों ने रास्ते में ही विवाद के दौरान नाबालिग को जयरामनगर स्टेशन के पास चलती ट्रेन से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को छिपाने के लिए आरोपियों ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की। पीड़िता के कपड़े जलाए गए और मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। दोनों मुख्य आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरे मामले के खुलासे में खैरागढ़ थाना, साइबर सेल और मस्तूरी (बिलासपुर) पुलिस की अहम भूमिका रही।


