नियमों की अनदेखी के आरोप, ग्रामीणों ने पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
गंडई/खैरागढ़। ग्राम पंचायत बुंदेली में नवनिर्मित दुकानों के आवंटन को लेकर विवाद गहरा गया है। आवंटन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी और पात्र हितग्राहियों की उपेक्षा किए जाने की शिकायत पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गंडई-छुईखदान ने दुकानों के आवंटन पर तत्काल प्रभाव से स्थगन आदेश जारी कर दिया है। एसडीएम ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा भी दिलाया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पंचायत ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 तथा पंचायत राज संपत्ति अंतरण नियम, 1994 के प्रावधानों का पालन किए बिना दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया अपनाई। उनका कहना है कि सार्वजनिक नीलामी और आरक्षण संबंधी नियमों की अनदेखी की गई, जिससे पात्र आवेदकों के अधिकार प्रभावित हुए। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पंचायत द्वारा निर्मित दुकानों का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों और सड़क सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं किया गया। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है। मामला केवल दुकान आवंटन तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों ने पंचायत के वर्तमान कार्यकाल में विकास कार्यों की पारदर्शिता, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक निर्णयों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत के कई फैसले लगातार विवादों में रहे हैं, जिससे लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है। कुछ ग्रामीणों ने पंचायत से जुड़े औद्योगिक परियोजनाओं के प्रस्तावों और अन्य प्रशासनिक निर्णयों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई हो तो तथ्य सामने आ सकें। अब पूरे मामले पर सभी की निगाहें एसडीएम न्यायालय की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। जांच में यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

