खैरागढ़। पंडवानी की महान लोकगायिका एवं पद्म विभूषण सम्मानित तीजन बाई के निधन पर सुमित टांडिया, प्रदेश संयुक्त सचिव, छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सुमित टांडिया ने कहा कि तीजन बाई का निधन छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा और पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और लोककला के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि तीजन बाई की कला और उनकी विरासत सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। लोककला जगत में उनका योगदान हमेशा अमर रहेगा और उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। सुमित टांडिया ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
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