खैरागढ़। खैरागढ़ विधानसभा में कांग्रेस के भीतर चल रही नाराजगी अब सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आने लगी है।

विधायक पति के फेसबुक पोस्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कमेंट्स इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। खास बात यह है कि इन स्क्रीनशॉट्स को कांग्रेस के ही पार्षद दिलीप लहरें द्वारा विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल किया जा रहा है, जिससे पार्टी के अंदर गुटबाजी और असंतोष की तस्वीर साफ नजर आने लगी है। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे कमेंट्स में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि चुनाव के दौरान सहयोग करने के बावजूद उन्हें सम्मान और सहयोग नहीं मिला। कुछ कार्यकर्ताओं ने आर्थिक सहयोग और संगठन में उपेक्षा का भी मुद्दा उठाया है। वहीं कई लोगों ने विधायक और संगठन के बीच तालमेल की कमी पर सवाल खड़े किए हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से विधायक और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच दूरी बढ़ती जा रही है। कार्यक्रमों में भी संगठन और विधायक गुट के बीच समन्वय की कमी साफ दिखाई देती है। कई बार मंच और कार्यक्रमों में अलग-अलग गुट नजर आने से कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है।साल के अंत में नगर पालिका चुनाव होने हैं वहीं 2028 के विधानसभा चुनाव भी ज्यादा दूर नहीं हैं। ऐसे में कांग्रेस के भीतर लगातार सामने आ रही गुटबाजी पार्टी के लिए चिंता का विषय बन सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच सामंजस्य नहीं बना तो इसका सीधा असर आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकता है। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन पोस्ट और कमेंट्स ने खैरागढ़ कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को एक बार फिर सार्वजनिक बहस का मुद्दा बना दिया है।

