निलंबन अवधि में जारी हुए प्रमाण-पत्र, दूसरे जिलों के आवेदनों पर भी दस्तावेज- अवैध वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप
खैरागढ़। नगरपालिका खैरागढ़ में विवाह प्रमाण-पत्र जारी करने को लेकर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। महज साढ़े तीन माह में 2700 से अधिक विवाह प्रमाण-पत्र जारी होने से पूरे मामले में फर्जीवाड़े की आशंका गहरा गई है। आंकड़ों के अनुसार 25 नवंबर से फरवरी तक कुल 2744 प्रमाण-पत्र जारी किए गए, जबकि स्थानीय स्तर पर इस अवधि में वास्तविक शादियों की संख्या 50-60 के आसपास बताई जा रही है।मामले को और गंभीर तब माना जा रहा है, जब यह सामने आया कि तत्कालीन सीएमओ के निलंबन अवधि के दौरान ही बड़ी संख्या में प्रमाण-पत्र जारी किए गए। साथ ही जांजगीर-चांपा, धमतरी, बीजापुर सहित अन्य जिलों के आवेदकों को भी खैरागढ़ से प्रमाण-पत्र जारी होने की बात सामने आई है। आरोप है कि इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर हजारों रुपए की अवैध वसूली भी की गई। वहीं वेरिफायर आईडी और डिजिटल सिग्नेचर के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच की बात कही है।मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है और अधिकारी-कर्मचारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आ रहे हैं। जिला निर्माण के बाद इसे अब तक का सबसे बड़ा घोटाला माना जा रहा है। अब सभी की नजर जांच और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।


