बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और अपमान को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 3 की सदस्य श्रीमती स्मृति त्रिलोक श्रीवास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वर्तमान में जिस प्रकार से विपक्षी दलों से जुड़े जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज किया जा रहा है, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के शह पर विभागीय अधिकारी विपक्ष से जुड़े निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सार्वजनिक रूप से उपेक्षा कर रहे हैं, जो निंदनीय और शर्मनाक है। श्रीवास ने कहा कि वे पिछले 20 वर्षों से पंचायती राज संस्थाओं में सक्रिय हैं और लगातार पांच चुनाव जीत चुकी हैं, लेकिन इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने बताया कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में जिला पंचायत के तीन क्षेत्र आते हैं, जिनमें से दो में भाजपा समर्थित और एक में कांग्रेस समर्थित सदस्य हैं। उनका आरोप है कि पिछले दो वर्षों से, जब से क्षेत्र में वर्तमान विधायक निर्वाचित हुए हैं, तब से स्थानीय जनप्रतिनिधियों की लगातार अनदेखी की जा रही है। श्रीमती श्रीवास ने कहा कि शासकीय कार्यक्रमों, उद्घाटन, शिलान्यास और अनावरण जैसे आयोजनों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को ससम्मान आमंत्रित करने और शिलालेख में उनके नाम अंकित करने की परंपरा रही है। यह प्रोटोकॉल का भी हिस्सा है। लेकिन वर्तमान में केवल सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों को ही आमंत्रित किया जा रहा है और उनके नाम ही शिलालेखों में दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार संगठन के पदाधिकारियों के नाम अतिथि के रूप में शामिल किए जाते हैं, जबकि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जाता है। अधिकारियों से इस संबंध में पूछने पर ऊपर से निर्देश का हवाला दिया जाता है। श्रीमती श्रीवास ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में इस तरह की परंपरा बेहद चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो संबंधित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के खिलाफ घेराव किया जाएगा और ऐसे कार्यक्रमों का बहिष्कार भी किया जाएगा।
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